Saturday, July 13, 2019

अगर भाखड़ा नांगल बांध टूट जाए तो ? - bhakra nangal dam

अगर भाखड़ा नांगल बांध टूट जाए तो  ? - bhakra nangal dam

दोस्तों - भाखड़ा नांगल बांध हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर बनाया गया है और ये भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है -

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जिसका उद्देश्य सिंचाई और बिजली का उत्पादन करना है. ये टिहरी बांध के बाद भारत का दूसरा सबसे ऊंचा बांध है. क्या आप जानते हैं कि ये राजस्थान, पंजाब और हरियाणा की एक संयुक्त परियोजना है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर भाखड़ा नांगल बांध किसी कारणवश टूट जाए तो क्या हगा, इससे भारत पर क्या असर पड़ेगा ?

अगर भाखड़ा नांगल बांध टूट जाए तो  ? - bhakra nangal dam

आइये जानते है :- 

सबसे पहले भाखड़ा नांगल बांध के बारे में अध्ययन करते हैं :-

क्या आप जानते हैं कि भाखड़ा और नांगल दोनों अलग-अलग बांध हैं लेकिन एक ही परियोजना से जुड़े हुए हैं. ये दोनों पंजाब और हिमाचल के बॉर्डर पर बने हुए हैं. भाखड़ा बांध हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले में सतलज नदी पर जबकी नांगल बांध इससे 10 किलोमीटर की दूरी पर पंजाब के नांगल में बनाया गया है. |

जैसा कि हम जानते हैं कि भाखड़ा बांध को नांगल बांध से ऊचाई पर बनाया गया है और इसका सारा पानी नांगल बांध से होते हुए जाता है. नांगल बांध, भाखड़ा बांध से आने वाले तेज़ बहाव को कम करता है |

वैसे तो सुरक्षा की द्रष्टि से इन दोनों बांधों का निर्माण इस तरह से किया गया है कि यह कभी टूट नहीं सकता. परन्तु किसी कारण से एक बांध टूट जाता है तो एक बांध नुक्सान से बचा सकता है. यानी अगर भाखड़ा बांध टूटता है तो नांगल बांध पानी को रोक सकता है !

लेकिन अगर दोनों बांध टूटते हैं तो भयंकर तबाही मच सकती है. हरियाणा और पंजाब के निचले इलाकों में पानी भर सकता है और यदि पानी का बहाव तेज़ हुआ तो यह पंजाब, हरियाणा के आधे भाग सहित पाकिस्तान के एक बड़े भाग को भी बहा देगा और लाखों लोग मारे जाएंगे -

इसके अतिरिक्त सालों तक प्रभावीत जमीन पर खेती नहीं की जा सकेगी जिससे भारी नुकसान होगा. इस बांध से लगभग 1325 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है इसलिए बिजली की जो किल्लत होगी उसका अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकेगा ?

   अगर भाखड़ा नांगल बांध टूट जाए तो  ? - bhakra nangal dam

➦यह विडियो है जिसमे पूरी जानकारी है -- 



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Friday, January 18, 2019

geography terms a to z list in hindi , भूगोल की प्रमुख शब्दावली –

Geography glossary : भूगोल की प्रमुख शब्दावली –

v  Economic plunder : आर्थिक लूट - प्राकृतिक संसाधनों की  अंधाधुंध दोहन !

v  Human response ; मानव अभिव्यंजना -  मानव की प्रकृतिक दिशाओं के प्रति प्रतिक्रिया !

v  Biological world : जैव जगत -  जिसमें समस्त वनस्पति पशु एवं मानव निवास करते हैं !

v  Eco-system : इको तंत्र -  पर्यावरण में जैविक समुदाय की प्रतिक्रिया का तंत्र !

v  Ecology : पारिस्थितिकी -  जीव विज्ञान कि एक शाखा जिसमें जीवो का अध्यन उनके परिवेश के संबंधों से किया जाता है !

v  Adjustment : सामंजस्य -  नई परिस्थितियों में अपने आप का  ढलना !

v  Adaption : अनुकूलन -  परिस्थितियों के अनुसार आचरण करना !

v  Modification : रूपांतरण या  परिमार्जन -  वातावरण का रूप बदलना !

v  Tectonic : विवर्तनिक -   हलचल से संबंधित !

v  Insolation : सूर्य ताप -  सूर्य की   रघु रोमियो से प्राप्त होने वाला था !

v  Desertification : मरुस्थलीकरण -  वह प्रक्रिया जिसमें वनस्पति विनाश से वायुमंडल में सो सकता में वृद्धि हो !

Monday, January 14, 2019

human geography definitions | मानव भूगोल की सम्पूर्ण जानकारी -

human geography definitions | मानव भूगोल की सम्पूर्ण जानकारी -

Human Geography

आज आप को मानव भूगोल से सम्बधित अलग-अलग विदानो की परिभाषाओं को आप के सामने प्रतुत करेगे ! की किसी विधान ने किस प्रकार से Human geography मानव भूगोल को परिभाषित किया है !

human geography definitions | मानव भूगोल की सम्पूर्ण जानकारी -

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परिभाषा –

रेटजेल – ने अपनी प्रसिध्द पुस्तक ‘ऐन्थोपोज्योग्रफी ‘ में पहली बार भूगोल को मानव भूगोल के नाम से पुकारा ! इस पुस्तक में दी गई परिभाषा इस प्रकार है !
परिभाषा- “मानव भूगोल के द्रश्य सर्वत्र वातावरण से सम्बन्धित होते है, तथा वातावरण स्वय भोतिक दशाओ का एक योग होता है ! “
कुमारी ई.सी. सेम्पुल के अनुसार – यह रेटजेल की शिष्य थी ! यह अमरीकन भूगोलवेता थी इस ने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘एन्फ़्लुएन्सेज ऑफ़ ज्योग्राफिक एन्वायर्नमेंट’ में मानव भूगोल की निम्नलिखित परिभाषा दी है !

परिभाषा- “मानव भूगोल अस्थायी प्रथ्वी और चंचल मानव के मध्य परिवर्तनशील सम्बन्धो का अध्ययन है ! “  

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विडाल डी ला ब्लाश – यह एक फ़्रांसिसी विद्वान् था ! इसने अपने ग्रथ ‘प्रिंसिपल्स ऑफ़ ह्यूमन ज्योग्राफी ‘ में बताया की मानव भूगोल प्रथ्वी और मानव के परिस्परिक सम्बन्धो के मध्य एक नया विचार देता है , इसमे प्रथ्वी को नियंत्रित करने वाले भोतिक नियमो और इस पर निवास करने वाले जीवों के परिस्परिक सम्बन्धो का अधिक सयुक्त ज्ञान समाविष्ट होता है !

फ़्रांसिसी भूगोलवेता जीन्स ब्रुन्हेस jeans Brunhes ने अपने ग्रन्थ Human geography ह्युमन ज्योग्राफी में मानव भुगो की परिभाषा निम्न प्रकार दी है !

“वे सभी द्रश्य जिसमे मानवीय क्रिया कार्य करती है, प्रथ्वी तल पर विशेष वर्ग के द्र्स्य होते है और इस प्रकार के भूगोलिक तथ्यों के अध्ययन को हम मानव भूगोल कहते है ! ‘

अमेरिकन भूगोलवेता एल्सवर्थ ह्न्तिगटन ने अपनी पुस्तक ‘मानव भूगोल के सिद्धांत ‘ में भूगोल की परिभाषा इस प्रकार दी है !

“ मानव भूगोल में भूगोलिक वातावरण तथा मानवीय क्रियाओ और गुणों के परिस्परिक सम्बन्धो के मानव भूगोल की रिभाषा वितरण और स्वरूप का अध्ययन होता है !

1.Semple, E.C. : “Human Geography is a study of the changing retationship between the unresting man and the unstable eerth.”

                                                           -influenes of Geographic Environment, New York, 1911.

 

2. Vidal de la Blache : “Human Geography offers a new conception of the inter-relationships between earth and man ....... A more synthetic knowledge of physical laws governing our earth and of the relations between the living beings which inhabit it.”

                                                                                       Principles of Human. Geography, 1911.

3. Brunhes, J. : Human Geography is “The ensemble of all these facts in which human activity has a part to play a complex group of facts in finitely variable and varied, always containted within the limits of ~ physical geography, but havihg always the easily discernible characteristics of being related more or less directly to man.”

                                                                         Human Geography, Paris, 1932, and London, 1952

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human geography definitions | मानव भूगोल की सम्पूर्ण जानकारी -

अमेरिकन विद्वान् सी.एल.व्हाइट एंड जी.टी. रेनर के अनुसार भूगोल प्रमुखत: सम्बन्धो के मानव पारिस्थिक की Human Ecology है, जिसमे प्रथ्वी की प्र्थ्भूमि में मानव समाजो का अध्यययन होता है ! डी. एच. डेविस के अनुसार मानव भूगोल में केवल प्राकृतिक वातावरण और क्रियाकलापों के बिच सम्बन्ध का ही नही वरन प्रथ्वी के तल के जीवों का भी अध्ययन किया जाता है !

एस. एन. डिकेन्स तथा ऍफ़ . आर. पिंट्स ने मानव भूगोल में मानव और उसके कार्यो को समाविष्ट किया है Human geography looks upon as the study of man and his work .
                                                                                       -{ introduction to human geography . 1963 }

Fellman: फेलमन एंव Gatis गेटिस के अनुसार “ मानव भूगोल मानव जनसख्या का स्थानिक विश्लेषण और उनकी संस्कृति, उनके क्रिया कलापों , व्यवहार और उनके परस्पर सम्बन्धो और भोतिक द्रश्य भूमि पर वितरण प्रतुत करता है ! इस परिभाषा में मानव की सभी क्रियाओ व पर्यावरण के मध्य बहुत घनीष्ट सम्बन्ध बताया गया है !
अमेरिकन भूगोलवेता एच. बैराज H.Barrows ने भूगोल को मानव पारिस्थितिकी human ecology का  विज्ञान बताया है ! इसमे मानव व उसके सामाजिक तथा भोतिक पर्यावरण के मध्य सम्बन्धो का अध्ययन किया जाता है !

4. Human Geography may be defined as the study of the nature and dist ' ‘ rlbutlon of the relationship between Geographical environment and human activities and qualities.

  -    Huntigton & Shaw, 1953, Principles of Human Geography

5Human Geography is the study of human groups and societies in their relationships to physical environment.                                  -  Demangeon (Principles de Geographic Humanae, (1942)

6. Human Geography is primarily human ecology ....... It studies man’s adjustments to the natural environment. The varied and peculiar ways in which he comes out,arts his life either wholly or in part.
                                                                    -  C.L. White and GT. Renner“Human Ecology"
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Sunday, December 23, 2018

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Friday, December 21, 2018

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Saturday, September 1, 2018

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अरावली पर्वतमाला
पर्वतमाला
 

राजस्थान अरावली कि चोटियां - १.गुरू शिखर -1722 मी. (सिरोही) २.सेर-1597 मी. (सिरोही) ३.देलवाङा -1442 मी. (सिरोही) ४.जरगा -1431 मी. (उदयपुर) ५. अचलगढ़ -1380 मी. (सिरोही) ६. कुंभलगढ़ -1240 मी. (राजसमंद) ७. रघुनाथगढ़ -1055 मी. (सीकर) ८. ऋषिकेश -1017 मी. (उदयपुर) ९. कमलनाथ -1002 मी. (उदयपुर) १०. सज्जनगढ़ -938 मी. (उदयपुर)


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अरावली पर्वत का विस्तार-


अरावली पर्वतमाला
पर्वतमाला
Aravalli.jpg
अरावली पर्वतमाला
देशभारत, पाकिस्तान
राज्यराजस्थान, हरियाणा, गुजरात, पंजाब (पाकिस्तान),सिंध (पाकिस्तान)
नगरमाउण्ट आबू,सिरोही
नदियांबानस, लूनी, Sakhi, साबरमती
उच्चतम बिंदुगुरू शिखर
 - ऊँचाई1,722 मी. (5,650 फीट)
 - निर्देशांक24°35′33″N 74°42′30″E
मानचित्र : भारतीय पर्वतमाला
मानचित्र : भारतीय पर्वतमाला

 रावली पर्वत श्रंखला की तुलना अमेरिका के अल्पेशियन पर्वतो से की जाती है अरावली भारत के पश्चिमी भाग राजस्थान में स्थित एक पर्वतमाला है। भारत की भौगोलिक संरचना में अरावली प्राचीनतम पर्वत है। यह संसार की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है जो राजस्थान को उत्तर से दक्षिण दो भागों में बांटती है। अरावली का सर्वोच्च पर्वत शिखर सिरोही जिले में गुरुशिखर (1722 /1727 मी.) है, जो माउंट आबू में है।[1]अरावली पर्वत श्रंखला की कुल लम्बाई गुजरात से दिल्ली तक ६९२ किलीमीटर है, अरावली पर्वत श्रंखला का लगभग ८० % विस्तार राजस्थान में है, दिल्ली में स्थित राष्ट्रपति भवन रायशेला पहाड़ी पर बना हुआ है जो अरावली का की भाग है, अरावली की औसत ऊंचाई ९३० मीटर है तथा अरावली के दक्षिण की ऊंचाई व चौड़ाई सर्वाधिक है, अरावली या अर्वली उत्तर भारतीय पर्वतमाला है। राजस्थान राज्य के पूर्वोत्तर क्षेत्र से गुज़रती 550 किलोमीटर लम्बी इस पर्वतमाला की कुछ चट्टानी पहाड़ियाँ दिल्ली के दक्षिण हिस्से तक चली गई हैं। शिखरों एवं कटकों की श्रृखलाएँ, जिनका फैलाव 10 से 100 किलोमीटर है, सामान्यत: 300 से 900 मीटर ऊँची हैं। यह पर्वतमाला, दो भागों में विभाजित है- सांभर-सिरोही पर्वतमाला- जिसमें माउण्ट आबू के गुरु शिखर (अरावली पर्वतमाला का शिखर, ऊँचाई 1,722 मीटर) सहित अधिकतर ऊँचे पर्वत हैं। सांभर-खेतरी पर्वतमाला- जिसमें तीन विच्छिन्न कटकीय क्षेत्र आते हैं। अरावली पर्वतमाला प्राकृतिक संसाधनों (एवं खनिज़) से परिपूर्ण है और पश्चिमी मरुस्थल के विस्तार को रोकने का कार्य करती है। यह अनेक प्रमुख नदियों- बाना, लूनी, साखी एवं साबरमती का उदगम स्थल है। इस पर्वतमाला में केवल दक्षिणी क्षेत्र में सघन वन हैं, अन्यथा अधिकांश क्षेत्रों में यह विरल, रेतीली एवं पथरीली (गुलाबी रंग के स्फ़टिक) है।
अरावली की अन्य उच्च चोटियां:- १ गुरु शिखर - सिरोही (1722 m) २ सेर - सिरोही (1597m) ३ दिलवाडा - सिरोही( इसे हाल ही में जोड़ा गया है, इसी पर्वत पर प्रसिद्ध जैन मंदिर स्थित हैं). (1442m) ४ जरगा - उदयपुर. (1431m) ५ अचलगढ - सिरोही (1380m) ६ रघुनाथगढ(1055 m) - सीकर ७ खो(920) - अलवर ८ तारागढ - अजमेर (870 m) ९ भेराच - अलवर
> कर्नल जेम्स टोड ने ' गुरुशिखर ' को सन्तो का शिखर कहा हैं। > अरावली पर्वतमाला की उन्चाइ दक्षिण पश्चिम से उत्तर पूर्व की ओर जाने पर कम होती जाती हैं।

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